मेरी पहली विदेश यात्रा (तीसरी किस्त) *********************************** अस्तु, इसके पहले कि हम वियतनाम की यात्रा पर निकलें कुछ चर्चा वियतनाम के बारे में हो जाय तो इस यात्रा से हमारा जुड़ाव अच्छे से हो सकेगा। हालांकि कुछ साथियों को ये वाला भाग थोड़ा बोरिंग लग सकता है पर यात्रा कथा के लिए ये आवश्यक प्रतीत होता है। वियतनाम का पूरा नाम Socialist Republic of Vietnam है।इसका कुल क्षेत्रफल 331690 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल के लिहाज से ये एशिया का 19वाँ और विश्व का 67वाँ देश है। इसमें कुल 28 राज्य हैं और इसकी राजधानी हनोई है। इतना क्षेत्रफल होने के बावजूद इसकी जनसंख्या दस करोड़ के आस-पास है।दिल्ली से हो ची मिन्ह का Tan Son Nhat इंटरनेशनल एयरपोर्ट हवाई मार्ग से 3650 किलोमीटर दूर है और विश्व के नक्शे पर 8*24’ से 23*23’ उत्तरी अक्षांश और 102* से 110* पूर्वी देशांतर पर स्थित है। पृथ्वी पर इसे सबसे अधिक समय तक गुलाम रहने वाला देश (1120साल) भी कहा जाता है। एशिया के दक्षिण पूर्व में स्थित ये देश ब्राजील के बाद दुनिया में सबसे अधिक कॉफ़ी निर्यात करने वाला देश है। काजू उत्पादन में भी यह विश्व में तीसरे स्थान पर है। वर्तमान में वियतनाम की जनसंख्या दस करोड़ के आसपास है जो उसे दुनिया का तेरहवाँ सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बनाती है। यहाँ की आधिकारिक भाषा वियतनामीज़ है, जो सोम-ख्मेर भाषा समूह का हिस्सा है। तेरहवीं सदी तक वियतनामीज़ चीनी अक्षरों में लिखी जाती थी। वियतनामीज़ के अलावा कुछ नागरिक चीनी, खमेर, फ़्रेंच या छोटे पर्वतीय जाति समूहों की भाषा बोलते हैं। अगर धर्म की बात करें तो चूँकि वियतनाम में साम्यवादी सरकार है इसलिए एक देश के रूप में ये एक ग़ैर-धार्मिक देश है। लेकिन फिर भी सरकार छह धर्मों को मान्यता देती है। परिणाम स्वरूप 73.2% वियतनामी स्वयं को किसी भी धर्म से संबंधित नहीं मानते हैं लेकिन ऐसा माना जाता है कि वे वियतनामी लोक धर्म को मानते हैं। एक वेबसाइट के अनुसार वियतनाम में धार्मिक जनसंख्या इस प्रकार है कि 73.2 % लोक धर्म, 12.2% बौद्ध, 6.8% कैथोलिक, 4.8% काओ दा, 1.4% होआ हाओ तथा 1.0% से भी कम प्रोटेस्टेंट और मुस्लिम हैं। वियतनामी लोक धर्म जिसमे पूर्वजों और विभिन्न देवताओं की पूजा शामिल है, वियतनामी आध्यात्मिक जीवन की वास्तविक नींव है। यह एक संगठित धर्म नहीं है, बल्कि एक व्यापक सांस्कृतिक प्रथा है, जैसा कि 73.2% आबादी की “अधार्मिक” श्रेणी में शामिल होने से पता चलता है। अधिकांश ग़ैर ईसाई घरों में, दिवंगत दादा-दादी, माता-पिता और अन्य पूर्वजों के लिए एक वेदी होती है, जहाँ मासिक रूप से भोजन और अगरबत्ती चढ़ाने का अनुष्ठान किया जाता है। वियतनामी समाज में स्त्रियां बहुत सशक्त हैं और परिवार और समाज में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पूरी यात्रा के दौरान मैंने ये महसूस किया कि अधिकतर कार्य जिसमे दुकान चलाने से लेकर होटल और रेस्टोरेंट चलाने तक सारा कार्य स्त्रियों द्वारा बहुतायत में किया जा रहा था। भौगोलिक रूप से यह देश दक्षिण पूर्व एशिया की पूर्वी तटीय पट्टी है।अधिकांश भूमि पहाड़ी और भरी वनाच्छादित है और केवल 20% समतल भूमि है। इसकी सीमा चीन, लाओस और कंबोडिया से मिलती है। इसका उच्चतम बिंदु “फैन सी पैन” है जिसकी ऊँचाई 3144 मीटर है। साल भर आद्र रहने वाला वियतनाम आम तौर पर उष्ण कटीबंधीय और मानसूनी है। यहाँ का तापमान आम तौर पर 23 डिग्री रहता है। यहाँ का 44.3% श्रम बल कृषि क्षेत्र में काम करता है। ऐतिहासिक रूप से वियतनाम काफ़ी प्राचीन देश है। यहाँ मानव निवास की कलाकृतियाँ 22000 साल से अधिक पुरानी हैं। पुरातात्विक साक्ष्य से पता चलता है कि इस क्षेत्र में कांस्य की ढलाई लगभग 5000 साल ईसा पूर्व में शुरू हुई और उत्तर में चीन तक फ़ैल गई।लगभग 2000 ईसा पूर्व डोंग सोन संस्कृति ने वियतनाम में चावल की खेती की शुरुआत की। 207 ईसा पूर्व में नाम वियत का पहला ऐतिहासिक साम्राज्य उत्तरी वियतनाम और दक्षिणी चीन में किन राजवंश के पूर्व गवर्नर ‘ ट्रीयू दा ‘ द्वारा स्थापित किया गया। हालांकि 111 ईसा पूर्व में चीन ने नाम वियत पर विजय प्राप्त की और “प्रथम चीनी प्रभुत्व” की शुरुआत की, जो 39 CE के बीच टूंग ट्रैक और टूंग न्ही बहनो ने चीनियों के ख़िलाफ़ विद्रोह का नेतृत्व किया और कुछ समय के लिए स्वतंत्र वियतनाम पर शासन किया।लेकिन चीनियों ने वापस इसे अपने क़ब्ज़े में ले लिया और दूसरा चीनी प्रभुत्व और फिर सी प्रकार तीसरा चीनी प्रभुत्व इस पर हुआ और ये 905 CE तक चला। गुयेन राजवंश ने पहले स्वतंत्र रूप से और फिर फ्रांसीसी कठपुतली के रूप में 1945 तक शासन किया। वियतनाम की स्वतंत्रता की इच्छा के चलते ‘ प्रथम इंडोचीन युद्ध’ (1946-1954) का जन्म हुआ।1954 में फ़्रांसीसी पीछे हट गए और वियतनाम को लोकतांत्रिक चुनावों के वादे के साथ उत्तरी और दक्षिणी वियतनाम में विभाजित कर दिया गया। ये अमेरिका की लालची साम्राज्यवादी नीति थी जिसके कारण दक्षिणी वियतनाम उनके प्रभाव में चला गया। कम्युनिस्ट नेता हो ची मिन्ह ने अमेरिका की इस चाल को समझा और लोकतंत्र के नाम पर उसकी साम्राज्यवादी सोच को खुली चुनौती दी। ये युद्ध इतिहास में ‘वियतनाम युद्ध’ के नाम से जाना जाता है। ये युद्ध 1945 से 1975 तक चला। वियतनाम जैसे छोटे और कमजोर देश के निवासियों ने दिखा दिया कि अगर देश प्रेम का ज़ज़्बा हो और कठोर संकल्प हो तो विजय श्री आपका वरण करेगी ही। इक्कीस वर्षों तक चले लंबे संघर्ष में वियतनाम ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को परास्त करने में सफलता प्राप्त की और दक्षिण वियतनाम को साम्यवादी सत्ता में मिला लिया था। आज, जब हमारी अपनी धरती पर कुछ राजनीतिक स्वर केवल सत्ता की तराजू पर तौलकर, वर्तमान शासन पर महाशक्ति के समक्ष झुक जाने का आरोप लगा रहे हैं—यह जानते हुए भी कि उनके ये शब्द राष्ट्र के मस्तक को झुकाते हैं—ऐसे नाजुक दौर में हम एक वीरभूमि की ओर कदम बढ़ा रहे थे। यह वह गौरवशाली देश था जिसने निर्भयता का ऐसा शंखनाद किया कि दुनिया की सबसे विशाल शक्ति के सामने भी सीधा तनकर खड़ा रहा, और अंततः अपने अदम्य साहस से उसे नतमस्तक होने पर विवश कर दिया था। "यह केवल एक यात्रा नहीं थी; यह इतिहास को छूने का, और अदम्य साहस की गाथा के द्वार पर दस्तक देने का एक पुण्य अवसर था। उस राष्ट्र की मिट्टी पर कदम रखना, जिसने निर्भयता को अपनी नियति बना लिया, अपने आप में शारीरिक और आत्मिक रोमांच जगा रहा था।" उस अपूर्व राष्ट्र के निवासियों से भेंट और उसकी अमिट भूमि को अपनी आँखों से निहारने का रोमांच तो मानो रगों में सिहरन दौड़ाने वाला था।